26 October 2010

Day 15, Office, Jabalpur (M.P.)

VRIDDH

वृद्ध
इस शब्द से
हम
जाने क्या समझ बैठते हैं
समझते हैं
कि ये एक
बूढी,
कमज़ोर,
लाचार सी
दिखने वाली एक काया है
लेकिन नहीं
सिर्फ उम्र कि वृद्धि को
वृद्ध करक देना उचित नहीं
ये वृद्धि है उसके अनुभवों कि
वृद्धि है उसकी जिम्मेदारियों कि
वृद्धि है उसके माथे कि शिकन कि
इस वृद्ध कि आज्ञा कि
avagya कर हम भूल जाते हैं
कि
एक दिन
हम bhi
होंगे
वृद्ध...

 SAMAAPT

aapka...
aapka hi to...

विक्की तिवारी 

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