Showing posts with label 08 Decembar 2010. Show all posts
Showing posts with label 08 Decembar 2010. Show all posts

07 December 2010

Day 20, Home, Jabalpur (M.P.)

अगली कविता हमने ३० / ०३ / २००५ को लिखी थी... समय - एक उदास दोपहरी 

Tum...


तुम
जिस दिन से
मुझसे मिली
तो
लगा
जैसे
चलते जीवन में
इक मुस्कराहट आ गयी हो
मेरे जीवन का
सबसे खूबसूरत
सच हो
तुम
कभी
मेरे जीवन का सपना थी
तुम
लेकिन...
अब,
ज़िन्दगी
सिर्फ एक
सुहानी शाम बन कर रह गयी
तुम्हें पाने कि वो उम्मीद
बस...
एक ख्वाब बनकर
रह गयी...

Vicky Tiwari

:: Thought for the day ::
सफलता अगर सपनों की कीमत पर हासिल कि जाये तो उसका कोई अर्थ नहीं...