प्यार कभी नाप तौल के, थोडा थोडा करके, कंजूसी से नहीं, शर्तों पे नहीं करना चाहिए या अगर आप पहले से ही प्यार में हैं तो किन्ही भी परिस्तिथियों के चलते अपने प्यार का अपने हाथों गला न घोंटें... विश्वास रखें अगर आपका प्यार सच्चा है तो आपकी बड़ी से बड़ी परेशानी या परिस्तिथि चुटकी बजाते ही, जल्दी ही हल हो जाएगी. बस आपको एक काम करते चले जाना है - अपने प्यार की दौलत 'अपने प्यार' पर लुटाते चले जाईये... अगर आप सोच समझ कर प्यार करेंगे कि हमारे परिवार वाले नहीं मानेगे या हम दोनों को आगे चल कर प्रॉब्लम हो सकती है या अगर हमारे घरवाले नहीं माने तो हम शादी नहीं करेंगे वगेहरा वगेहरा तो ऐसे तो इस दुनिया से प्यार ख़त्म हो जायेगा.. और एक बात बताऊँ - ऐसा हो भी रहा है... दुनिया से प्यार ख़त्म हो रहा है... सच मैं... देख रहा हूँ अपने आस पास कि लोग अब अपनी शर्तों पे प्यार करने लगे हैं और अगर प्यार करते भी हैं तो इज़हार नहीं करते... भई देखो, प्यार भी एक फीलिंग है गुस्से या नाराज़गी कि तरह... वो एक्सप्रेस होना चाहती है, दुनिया की कोई भी फीलिंग एक्सप्रेस होना चाहती है... उसे होने दीजिये एक्सप्रेस... नहीं तो उस फीलिंग का कोई मतलब नहीं है... वो फीलिंग ही क्या जो एक्सप्रेस न हो पाए... दिल मैं रखे रहने से अच्छा की उसे एक्सप्रेस कर दो... जाओ यार, बोल दो उससे अपने दिल कि बात, भले ही तुम्हारा 'प्यार' किसी और को प्यार करता हो, तो भी, जाओ, जाके बोल दो उससे अपने दिल कि बात... DON'T EVER LET YOUR LOVE GO... Please... I beg you... Mujhe bahut dukh hota hai jab koi kisi se alag hota hai...
Vicky Tiwari