यह कविता हमने 29 / 09 / 2007 को लिखी थी :
ज़िन्दगी क्या है
ये आज तक किसने जाना है
कोई बताये मुझे
की ये ज़िन्दगी
है क्या बाला
सही गलत होता क्या है
कोई बताये
क्या ये 'सही' महज़
किसी की आज्ञा की प्रतिपूर्ति
करना है
या फिर
'गलत' है
अपनी इच्छाओं
अपनी रुचियों को
पूरा करना
बता सकते हैं आप
की
अपने निर्णय लेना
कितना सही है
कितना गलत
और
लोगों को
वो कितना सही
कितना गलत लगता है
इस सवाल का जवाब
शायद
दुनिया के
किसी मनुष्य
किसी इंसान
के पास नहीं है
सबका एक ही जवाब रहता है
एक सा ही
"ये तुम्हारा decision है,
अपने फैसले खुद किया करो"
और अगर कुछ गलत हो जाये
तो
यह सुनने मिलता है
"ये तुम्हारा decision था,
अब तुम्ही निपटो इससे"
ऐसे में
कोई साथ खड़े होना भी
पसंद नहीं करेगा आपके साथ...
आपका, आपका ही तो
Vicky Tiwari

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